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गर्लफ्रेंड ने अपनी कुंवारी सहेली की चुत और गांड दोनों फड़वा दी

by Admin · 13-09-2026 · 1 views

दोस्तो, मैं विक्रम हूँ। हाइट 5'9", लंड 7.5 इंच मोटा और नसें उभरती हुई। कॉलेज में हैंडसम और थोड़ा डार्क लुकिंग था। गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, सेकंड ईयर।

मेरी गर्लफ्रेंड का नाम नेहा था। 5'3", गोरी-सांवली मिक्स, 34-26-36 की कसी हुई बॉडी। छोटे-छोटे गोल बूब्स, पतली कमर और मोटी गोल गांड। पिछले साल हमने दो-तीन फुल नाइट्स लगाई थीं। नेहा अब रोज़ चुदने की आदी हो चुकी थी।

उसकी रूममेट आंजलि। 5'7", एकदम गोरी, पतली लंबी टाँगें, 32-24-34। चेहरा क्यूट, बाल लंबे, और चुत पर एक भी बाल नहीं। कुंवारी। कॉलेज में कोई बॉयफ्रेंड नहीं मिला तो उसकी चुत में आग लगी रहती थी। वो मुझे चुपके-चुपके घूरती रहती।

एक रात हॉस्टल में दोनों के बीच बात हुई।

आंजलि: “यार नेहा… तेरा विक्रम बहुत मस्त है। काश एक बार मुझे भी चोद दे। मेरी सील तोड़ दे। तेरा क्या जाएगा?”

नेहा पहले गुस्से में आई, फिर हँसी। “तेरी चुत में इतनी आग है? ठीक है… लेकिन बदले में तेरा पूरा मेकअप किट और वो रेड ड्रेस मेरी।”

आंजलि तुरंत मान गई। “पक्का। एक बार ही सही, फड़वा दे मेरी चुत।”

तय हो गया। 28 अगस्त की रात। बहाना डांस प्रैक्टिस। हम तीनों मेरे दोस्त के पीजी पहुँचे। दोस्त को 1000 रुपये और एक बोतल देकर भगा दिया।

कमरे में दारू, चिकन, और मैंने पहले से ही कामोत्तेजक पाउडर मिला रखा था। नेहा को पता था, आंजलि को नहीं।

रात 10:30 बज चुके थे। कमरे में सिर्फ पीली रोशनी जल रही थी। नेहा मेरे ऊपर बैठी हुई थी, उसकी चुत मेरे लंड पर पूरी तरह बैठ चुकी थी। मैं उसके बूब्स को दोनों हाथों से मसल रहा था और निप्पल काटने जैसे चूस रहा था।

नेहा जोर-जोर से उछल रही थी:

“आह्ह विक्रम… साले इतना गहरा… मेरी चुत फट जाएगी… आंजलि देख ले… देख कैसे तेरा मोटा लंड मेरी चुत में गायब हो रहा है!”

मैंने उसके बाल पकड़कर पीछे खींचे और उसके गले पर दाँत गड़ा दिए। फिर उसे उल्टा कर दिया। अब नेहा घुटनों के बल थी, गांड ऊपर उठी हुई। मैंने पीछे से पूरा लंड एक झटके में घुसाया और दोनों हाथों से उसकी गांड के गाल फैलाकर बुरी तरह पेलने लगा। हर धक्के के साथ उसकी गांड मेरे पेट से जोर से टकरा रही थी। पछ-पछ की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि दीवारें गूँज रही थीं।

आंजलि दीवार से सटकर अपनी चुत में तीन उंगलियाँ घुसाए हुए देख रही थी। उसकी गोरी जाँघें काँप रही थीं।

नेहा चीख रही थी:
“आह्ह्ह… और जोर से… मेरी गांड भी मार… आज दोनों को फड़वा दे!”

मैंने लंड चुत से निकालकर सीधे उसकी गांड में धकेल दिया। नेहा की आँखें फटी रह गईं। मैंने उसके बाल और भी कसकर पकड़े और गांड में इतनी तेज़ी से पेलने लगा कि उसकी साँसें उखड़ने लगीं।

दो मिनट बाद मैंने नेहा को किनारे किया और आंजलि की तरफ देखा।

“अब तू आ। आज तेरी कुंवारी चुत और गांड दोनों की पूरी झाड़ू लगाऊँगा।”

आंजलि कांपती हुई मेरे पास आई। मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया, दोनों टाँगें उसके कंधों तक मोड़ दीं (फोल्डेड मिशनरी)। उसकी पिंक चुत पूरी तरह खुल गई। मैंने सुपारा चुत के मुँह पर रखा और एक ही जोरदार धक्के में आधा लंड अंदर घुसा दिया।

आंजलि की चीख निकल गई:
“आह्ह्ह माँ… फट गई… निकाल… दर्द… आह्ह्ह!”

मैं रुका नहीं। दूसरा धक्का… तीन-चौथाई। तीसरा धक्का… पूरा 7.5 इंच उसकी कुंवारी चुत में समा गया। खून की हल्की धार बिस्तर पर लग गई। मैंने उसके दोनों टाँगें और भी जोर से दबाईं और बिल्कुल गहरी चुदाई शुरू कर दी। हर धक्के में मेरे अंडे उसकी गांड से टकरा रहे थे।

“आह्ह्ह विक्रम… धीरे… नहीं… जोर से कर… अब मजा… आह्ह मेरी चुत फाड़ दे साले!”

मैंने उसके गाल पर एक थप्पड़ मारा, फिर दूसरा। आंजलि की आँखों में आँसू थे लेकिन वो खुद अपनी गांड उछाल-उछाल कर लंड अंदर ले रही थी। मैंने एक राउंड उसके अंदर ही छोड़ दिया। गरम वीर्य उसकी चुत में भर गया और बाहर रिसने लगा।

लंड अभी भी कठोर था। मैंने उसे पलट दिया। अब डॉगी स्टाइल। आंजलि के दोनों हाथ पीछे बाँध दिए और बाल पकड़कर सिर पीछे खींच लिया। फिर पूरा लंड एक झटके में चुत में घुसाया और पागलों की तरह पेलने लगा।

“आह्ह्ह यस… और जोर… मेरी चुत मार… फाड़… आह्ह्ह!”

नेहा पास आकर आंजलि के मुँह में अपनी चुत रख दी। आंजलि नेहा की चुत चाटने लगी जबकि मैं पीछे से उसकी चुत फाड़ रहा था। नेहा आंजलि के बाल पकड़कर उसके मुँह में और जोर से दबा रही थी।

फिर मैंने लंड चुत से निकाला और आंजलि की गांड के छेद पर रखा। तेल लगाकर धीरे-धीरे धकेला। आंजलि एक बार फिर जोर से चीखी।

“आह्ह्ह गांड… दर्द… अंदर… पूरा कर… आह्ह्ह!”

पूरा लंड गांड में समाते ही मैंने दोनों हाथों से उसके गाल फैलाए और बेतहाशा पेलना शुरू किया। गांड की पछ-पछ चुत से भी तेज़ हो गई। आंजलि के मुँह से सिर्फ अस्पष्ट चीखें निकल रही थीं। मैंने गांड में दूसरा राउंड छोड़ दिया।

लंड निकाला तो दोनों छेदों से वीर्य रिस रहा था।

अब नेहा ने कहा: “अब दोनों को एक साथ।”

मैं बिस्तर पर बैठ गया। आंजलि को अपनी गोद में बैठाया (काउगर्ल) और पूरा लंड उसकी चुत में घुसा दिया। फिर नेहा को आंजलि के सामने खड़ा किया। आंजलि नेहा की चुत चाटने लगी। मैं नीचे से आंजलि की चुत में जोर-जोर से पेल रहा था और एक हाथ से नेहा की गांड मसल रहा था।

कुछ देर बाद मैंने आंजलि को उठाया। उसने अपने दोनों पैर मेरे कमर के इर्द-गिर्द लपेट लिए (स्टैंडिंग)। मैंने उसे दीवार से सटाया और खड़े-खड़े बुरी तरह चोदने लगा। हर धक्के में उसकी पीठ दीवार से टकरा रही थी।

“आह्ह्ह विक्रम… इतना गहरा… मेरी चुत में तेरा लंड पूरा… फाड़ दे… आह्ह्ह!”

फिर मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया। अब प्रोन बोन (पेट के बल लेटाकर)। उसकी गांड ऊपर उठी हुई थी। मैंने दोनों छेदों में बारी-बारी से लंड घुसाया। कभी चुत, कभी गांड। इतनी तेज़ी से कि आंजलि की साँसें फूल गईं।

अंत में मैंने उसे फिर से डॉगी में किया। एक हाथ से उसकी चुत का दाना मसल रहा था, दूसरे हाथ से बाल खींच रहा था, और लंड गांड में पूरा अंदर तक पेल रहा था। आंजलि लगातार झड़ रही थी। पानी की धार उसके जाँघों से बहकर बिस्तर गीला कर रही थी।

मैंने आखिरी राउंड उसकी गांड में छोड़ दिया। जब लंड निकाला तो दोनों छेद पूरी तरह खुले और वीर्य से भरे हुए थे। आंजलि बेहोश जैसी लेटी हुई थी, लंगड़ाती हुई बाथरूम की तरफ गई।

उसके जाते ही नेहा मेरे लंड पर सवार हो गई।
“अब मेरी बारी। आज तूने उसकी कुंवारी चुत और गांड दोनों बर्बाद कर दीं। अब मेरी भी वैसी ही कर।”

मैंने नेहा को मिशनरी, डॉगी, काउगर्ल, रिवर्स काउगर्ल, स्टैंडिंग, और अंत में 69 में बुरी तरह चोदा। उसकी चुत से पानी की धार छूट रही थी और वो खुद अपने बूब्स मसल-मसल कर चीख रही थी।

रात भर हमने लगभग आठ-नौ राउंड लगाए। सुबह तक आंजलि की चुत और गांड दोनों सूजकर लाल हो चुके थे। वो चल भी नहीं पा रही थी।

Category: First Time Sex

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