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एक्स बॉयफ्रेंड अरजुन से गर्म चुदाई की कहानी

by Admin · 13-09-2026 · 1 views

मेरा नाम प्रिया है और मैं अनन्या की माँ हूँ। मेरे पति का नाम राजेश था। वे सरकारी कर्मचारी थे। लेकिन कुछ हालात ऐसे बने कि मुझे उनसे तलाक लेना पड़ा।

हमारी शादी की सालगिरह की रात थी। राजेश अभी तक घर नहीं लौटे थे। बच्चे सो चुके थे और मैं पलकें बिछाए उनका इंतज़ार कर रही थी। रात ग्यारह बजे घंटी बजी। मैंने दरवाज़ा खोला तो सामने राजेश खड़े थे—पूरी तरह नशे में धुत।

मुझे उनकी ये हालत बिलकुल पसंद नहीं आई। मैंने उन्हें सहारा देकर बेडरूम में लिटाया, जूते और शर्ट उतारी। आज की रात खास थी, मैं भी उनके साथ रहना चाहती थी। लेकिन जैसे ही शर्ट उतरी, उनकी छाती पर गहरे चुंबन के निशान नज़र आए। किसी औरत के बाल और लिपस्टिक के दाग भी थे।

मैं ठिठक गई। सारी रात मैं रोती रही। सुबह होते ही अनन्या और आरव को लेकर मायके चली गई। वहाँ सबको सच्चाई बताई तो लोग मुझे समझौता करने को कहने लगे, लेकिन मैं तैयार नहीं थी। मैंने अदालत में तलाक की अर्ज़ी दी और तलाक हो गया। बच्चों की कस्टडी मुझे मिल गई।

तलाक के बाद मेरी सहेली नेहा के कहने पर मैं अहमदाबाद शिफ्ट हो गई। उसने रहने का इंतज़ाम और एक प्राइवेट जॉब भी दिला दी। जिंदगी फिर से पटरी पर आने लगी।

एक शाम ऑफिस से लौटते हुए रास्ते में अरजुन मिल गया। अरजुन कॉलेज के दिनों में मेरा बॉयफ्रेंड था। बात शादी तक नहीं पहुँच सकी थी। बाद में मेरी शादी राजेश से और अरजुन की शादी काव्या से हो गई थी।

अरजुन ने हाल-चाल पूछा। उसकी पत्नी काव्या भी साथ थी—बहुत खूबसूरत। मेरे तलाक की बात सुनकर दोनों को दुख हुआ। अरजुन ने कहा कि उसका कपड़ों का बिजनेस है और अगर मैं चाहूँ तो मेरे लिए मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगवा सकता है। सरकार से लोन और सब्सिडी भी मिल जाएगी। काव्या ने भी हामी भरी। मैंने मान लिया।

कुछ ही दिनों में अरजुन ने लोन और लाइसेंस तैयार करवा दिए। शहर के बाहर एक गोदाम ऑफिस के तौर पर दे दिया। मेरी अपनी कंपनी शुरू हो गई—अनन्या गारमेंट्स। काम अच्छा चलने लगा। अरजुन ने मुझे अपने दोस्त समीर से मिलवाया जो सीए था। उसने मेरे पैसे शेयर बाज़ार में निवेश करवाए और अच्छा मुनाफा हुआ। कुछ महीनों में मैंने अच्छा पैसा कमा लिया और अरजुन के घर के पास ही नया घर खरीद लिया।

एक शाम फैक्ट्री में थी। वर्कर्स चले गए तो अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग का अलर्ट था—तूफान आने वाला है। तभी अरजुन भी आ गया। उसने कहा कि शायद घर नहीं जा पाएँगे। बच्चों की चिंता हुई तो उसने काव्या को कॉल करके बच्चों को अपने घर ले जाने को कह दिया।

हम ऑफिस में बैठे रहे। रात आठ बज गए, लाइट चली गई। अरजुन ने कहा—चलो छत पर भीगते हैं। कॉलेज के दिनों की याद आ गई। हम दोनों छत पर निकल गए। बारिश तेज़ थी। कपड़े बदन से चिपक गए। मेरी साड़ी और ब्लाउज मेरे शरीर की शक्ल में ढल गए।

अरजुन ने मेरी कलाई पकड़कर अपनी ओर खींच लिया। उसकी आँखों में पुराना प्यार था। उसके होंठ मेरे होंठों पर आ गए। सालों बाद उसकी चुंबन का अहसास हुआ। मेरा विरोध धीरे-धीरे खत्म हो गया। उसने मेरी साड़ी उतार दी। मैंने उसकी टी-शर्ट। उसका सुडौल बदन अभी भी आकर्षक था।

मैं उसकी गोद में बैठ गई। चुंबन गहरा होता गया। उसने मेरा ब्लाउज खोला, ब्रा उतारी। मेरे स्तन उसके मुँह में थे। मैंने उसकी पैंट का बेल्ट खोला। वह पूरी तरह नग्न हो गया। मैंने उसका लंड मुँह में ले लिया। थोड़ी देर बाद उसने कहा—“कुतिया बन जा।”

मैं कुतिया पोजीशन में आ गई। उसने पहले रगड़ा फिर अंदर घुसा दिया। आह निकल गई। कॉलेज में हमने कभी इससे आगे कुछ नहीं किया था। अब पहली बार वह मुझे चोद रहा था। बारिश की बूंदें पीठ पर गिर रही थीं और उसके धक्के गहरे जा रहे थे। मैं सिसक रही थी—“अरजुन… और तेज… आई लव यू…”

फिर उसने मुझे दीवार से सटाया, एक टांग उठाई और फिर से अंदर डाल दिया। कुछ देर बाद वह झड़ने वाला हुआ। मैंने कहा बाहर निकाल लो, लेकिन उसने कहा—ये पहला सेक्स है, बेकार नहीं करना। उसने मेरी योनि में ही झड़ दिया। मुझे भी स्खलन हो गया।

हम थक चुके थे। चालीस की उम्र में इतना जोरदार संभोग मेरे तन-मन दोनों को तृप्त कर गया। उसके वीर्य बारिश के पानी के साथ बह गए। मैं शर्म से नज़रें झुकाए खड़ी थी। उसने मुझे बाहों में भर लिया और कहा—“काश काव्या की जगह तुम मेरी बीवी होतीं।”

हम नीचे आए, कपड़े निचोड़े। मोबाइल चेक किया तो काव्या की तीन मिस्ड कॉल थीं। मैंने कॉल किया। काव्या ने हँसते हुए पूछा—“अरजुन ज्यादा परेशान तो नहीं कर रहा?” मैंने टालमटोल किया। अरजुन ने फोन लिया और स्पीकर ऑन कर दिया। काव्या ने पूछा—“कितने राउंड हुए?” अरजुन ने कहा—“अभी पहला। तीन और चलेंगे।” फिर उसने कहा कि काव्या समीर को बुला ले।

अरजुन ने वीडियो कॉल लगाई। मैं नंगी उसके ऊपर लेटी थी। काव्या ने हँसते हुए कहा—“शर्मा रही है… जल्दी आदत हो जाएगी। फिर इसे अपनी रंगीन दुनिया में ले चलेंगे।”

मैं हैरान थी। अरजुन ने समझाया कि वे दोनों लाइफस्टाइल कपल हैं। खुले रिश्ते में जीते हैं। कभी-कभी ग्रुप सेक्स भी करते हैं। मैंने पूछा—“रंगीन दुनिया क्या है?” उसने बताया कि वे चुनिंदा कपल्स के साथ पार्टनर स्वैप करते हैं।

फिर हमने 69 किया। दोनों दोबारा झड़े। उसके बाद दो बार और चुदाई की। थकान से बदन दर्द करने लगा। महीनों बाद मुझे चुदाई का स्वाद मिला था। हम नंगे ही सोफे पर सो गए।

सुबह सात बजे घर पहुँचे। काव्या ने दरवाज़ा खोला और पूछा—“कैसी रही रात?” अरजुन ने कहा—“चार राउंड मस्त। तुम्हारी?” काव्या ने हँसकर बताया—“समीर के साथ तीन राउंड।” हम सब हँस पड़े। काव्या ने मुझे गले लगा लिया।

उस दिन से हम सब एक परिवार जैसे हो गए।

ये थी प्रिया और अरजुन की कहानी।

Category: हिंदी सेक्स स्टोरीज

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